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निजी टीवी केबल आॅपरेटर्स और जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित

अजमेर। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट किशोर कुमार ने समस्त निजी टेलिवीजन केबल आॅपरेटर्स को निर्देशित किया है कि राज्य केबल टीवी डिजीटलाईजेशन प्रोजेक्ट का चतुर्थ चरण 31 मार्च को पूर्ण हो चुका है। इसके पश्चात किसी भी क्षेत्र में एनालाॅग सिगनल पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

किशोर कुमार ने कहा कि एनालाॅग सिगनल बंद होने के पश्चात किसी भी एमएसओ द्वारा केवल डिजीटल प्रसारण ही किया जाना चाहिए। जिले में एनालाॅग सिगनल की जांच पुलिस थानों के माध्यम से करवायी जाएगी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण देवेन्द्र कुमार विश्नोई ने कहा कि पुलिस थाने के बीट कांस्टेबल द्वारा अपने क्षेत्र में एनालाॅग सिगनल की जांच की जाएगी। इसके अन्तर्गत बीट कांस्टेबल द्वारा अपने क्षेत्रा में चल रहे केबल उपभोक्ता के टीवी को सेट टाॅप बाॅक्स से आने वाले कनेक्शन को हटाकर मुख्य लाइन से सीधा टीवी को जोड़ा जाएगा। टीवी में सेट टाॅप बाॅक्स के बिना प्रसारण आने पर वह एनालाॅग की श्रेणी में माना जाएगा। यह एनालाॅग प्रसारण भारत सरकार के द्वारा प्रतिबंधित है। प्रतिबंधित प्रसारण करने पर संबंधित केबल आॅपरेटर के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजी जाएगी। पुलिस थानों द्वारा अपने क्षेत्र के समस्त केबल आॅपरेटर्स की सूचना भी जिला स्तर पर भेजी जाएगी।

एडीएम ने कहा कि एमएसओ तथा एलसीओ के द्वारा अनाधिकृत चैनलों का प्रसारण नहीं किया जाएगा। अनाधिकृत चैनल प्रसारणों को रोकने की समस्त जिम्मेदारी एमएसओ की होगी। एमएसओ द्वारा डिजीटल प्रसारण में समस्त फ्रिक्वेंसीज को भरा हुआ रखा जाएगा। समस्त एमएसओ द्वारा उपभोक्तओं की शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नम्बर तथा वैबसाइट उपलब्ध करवाने होंगे। इसकी सूचना भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार समय-समय पर टीवी स्क्रीन पर देनी होगी।

उन्होंने कहा कि एमएसओ को डिजीटल इण्डिया एमआईबी पर साॅफ्टवेयर एमआईएस में सेट टाॅप बाॅक्स सिडिंग का डाटा अपडेट करना होगा। समस्त उपभोक्ताओं का अपडेशन आवश्यक रहेगा। जिले के समस्त केबल टीवी उपभोक्ताओं के सेट टाॅप बाॅक्स के कार्ड एक्टिव होना आवश्यक है। साथ ही समस्त बाॅक्स को इन्क्रिप्ट भी किया जाना चाहिए। इसकी रिपोर्ट प्रतिमाह उपलब्ध करवायी जानी आवश्यक है। अन्यथा संबंधित के विरूद्ध जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।

उन्होंने कहा कि एमएसओ द्वारा सब्सक्राईब मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए। इससे उपभोक्ताओं के द्वारा देखे जाने वाले टीवी चैनलों की माॅनिटरिंग हो पाएगी। उपभोक्ताओं के साथ-साथ आॅपरेटर्स को भी इससे लाभ होगा। समय पर मासिक शुल्क जमा नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं का सेट टाॅप बाॅक्स कंट्रोल रूम से ही बंद किया जा सकेगा। उपभोक्ताओं को केवल उन्हीं चैनलों का भुगतान करना होगा जिन्हें वे देखते है।

उन्होंने कहा कि सेट टाॅप बाॅक्स के उपभोक्ताओं से केवाईसी (नाॅ योर कसटमर) फाॅर्म प्राप्त करना होगा। इसके लिए उपभोक्ता के आधार कार्ड की फोटो प्रति पर सेट टाॅप बाॅक्स नम्बर लिखकर लोकल केबल आॅपरेटर एमएसओ को उपलब्ध करवाएगा। प्रतिमाह सेट टाॅप बाॅक्स इन्क्रिप्ट की सूचना निगरानी समिति के सदस्य सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय के उप निदेशक को भिजवायी जानी आवश्यक है। एमएसओ द्वारा लोकल केबल आॅपरेटर से प्राप्त राशि का जीएसटी युक्त इनवाॅइस दिया जाना जरूरी है। इसी के अनुसार लोकल केबल आॅपरेटर उपभोक्ताओं को मासिक शुल्क की इनवाॅइस देगा।

इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के उप निदेशक महेश चन्द्र शर्मा, आकाशवाणी के उप महानिदेशक के.के.माथुर, प्रदीप शर्मा, दूरदर्शन के सहायक अभियंता श्री गजेन्द्र सिंह, राजकीय सावित्राी कन्या महाविद्यालय के उपाचार्य चेतन प्रकाश, राजस्थान महिला बाल कल्याण मण्डल चाचियावास की क्षमा काकड़े, प्रधान डाकघर के चिरंजन लाल, एमएसओ रेडियंट के विक्रम काबरा, सिटी केबल के अख्तर खान एवं राजेन्द्र गहलोत एवं राजपूताना केबलस के विष्णु कुमार शर्मा उपस्थित थे।



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