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राज्य के विद्यालय ‘सेंटर आॅफ एक्सीलेंस’ के रूप में होंगे संचालित : देवनानी

अजमेर। शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्थान के सभी विद्यालयों को ‘सेंटर आॅफ एक्सीलेंस’ के रूप में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान शिक्षा क्षेत्रा में देश का अग्रणी राज्य बनें, इसके लिए आगामी अगस्त माह तक प्रदेश के 770 सैकण्डरी एवं सीनियर सैकण्डरी विद्यालयो में वर्चुअल क्लासरूम निर्मित कर दिए जाएंगे। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालयों में विषय विशेषज्ञों के विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि के लिए स्वामी विवेकानंद राजकीय माॅडल विद्यालयों के शिक्षकों के प्रभावी प्रशिक्षण के साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शत-प्रतिशत विद्यालयो में कम्प्यूटर शिक्षा के लिए आईसीटी लैब की स्थापना का कार्य भी अगस्त माह तक पूर्ण कर लिया जाए।

देवनानी ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली तथा कहा कि समयबद्ध सभी शैक्षिक विकास के कार्यों को पूर्ण किया जाए।  इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विद्यालयों की मोनिटरिंग, विद्यालयों में गुणवत्ता वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों को निरंतर शाला दर्शन और शाला दर्पण पर अपडेट करें। उन्होंने शिक्षा विभाग के इन पोर्टल पर राज्य के शैक्षिक परिदृश्य को पूरी तरह से अद्यतन रखे जाने के लिए भी विशेष कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विद्युत विहीन विद्यालयों में विद्यूत आपूर्ति के कार्य को भी अगस्त माह तक पूर्ण कर लिया जाए।

देवनानी ने बैठक में बालिकाओं को साईकिल वितरण योजना तथा लैपटाॅप वितरण योजना का भी समयबद्ध क्रियान्वयन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जाए कि आने वाले कुछ महिनेां में ही राज्य के सभी विद्यालयों में आईसीटी लैब की स्थापना हो जाए। वहां पर इन्टरनेट कनेक्शन के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जाए ताकि अधुनातन सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ विद्यार्थियों को मिले।

उन्होंने जर्जर भवनों में चल रहे विद्यालयों के बारे में भी बैठक में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी विद्यालय प्रदेश में संचालित नहीं होना चाहिए जो जर्जर भवन में चल रहा हो। उन्होंने शारदे आवासीय बालिका विद्यालयों के निर्माण कार्यों को भी समय पर पूरा करने तथा निर्माण कार्य गुणवत्ता से कराए जाने के भी निर्देश दिए।

शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मंशा के अनुरूप राज्य के विद्यालयों को ‘सेन्टर आॅफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा अधिकारी कार्य करें। उन्हांेने आगामी 5-6 अगस्त को राजधानी जयपुर में होने वाले ‘फेस्टिवल आॅफ जयपुर’ की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली तथा कहा कि इसके जरिए राजस्थान में शिक्षा क्षेत्र में आए सकारात्मक परिणाम, विद्यालयों की बेहतरी के लिए किए गए कार्य तथा शिक्षा क्षेत्र में हुए विकास को विश्व स्तर पर प्रचारित-प्रसारित किया जा सकेेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान को देश का अग्रणी शिक्षा राज्य बनाए जाने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें।

बैठक में शिक्षा विभाग के शासन सचिव नरेशपाल गंगवार ने कहा कि राज्य में शिक्षा क्षेत्रा में हुए विकास कार्यों के परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश शिक्षा क्षेत्र में देश का विकसित राज्य बनकर उभर रहा है, यह सभी के मिलकर प्रयासों से ही संभव हुआ है। बैठक में सर्व शिक्षा अभियान के आयुक्त जोगाराम ने भी विभागीय योजनाओं के अंतर्गत हुए सकारात्मक बदलाव और नामांकन वृद्धि के आए उत्साहजनक परिणामों के बारे में जानकारी दी।



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