निठारी हत्याकांड के दोषी मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को सजा-ए-मौत - RNews1 Hindi Khabar

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निठारी हत्याकांड के दोषी मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को सजा-ए-मौत

New Delhi Noida Ghaziabad Nithari Case Monindar Singh Pandher Surendra Koli
नई दिल्ली। साल 2006 में हुए नोएडा के बहुचर्चित निठारी हत्याकांड मामले में आज गाजियाबाद की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने ने अहम फैसला सुनाते हुए इस मामले के दो​षी व्यवसायी मनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा मुकर्रर की है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर 35-35 हजार का जुर्माना भी लगाया है। कोली और पंढेर को अदालत ने धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई है। फैसला आते ही कोर्ट में मौजूद प‌िंकी के पर‌िजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।

मामला 20 वर्षीय पिंकी सरकार की हत्या से जुड़ा है, जो 5 अक्टूबर, 2006 को अपने कार्यालय से घर लौट रही थीं और निठारी में पंढेर के घर के सामने से गुजर रही थी। कोली ने महिला की हत्या कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया और खोपड़ी घर के पिछले हिस्से में फेंक दी, जिसे सीबीआई ने बाद में बरामद किया था। खोपड़ी का डीएनए पीड़िता के माता-पिता के डीएनए से मैच कर गया। कोली के पास बरामद पीड़िता के कपड़ों की पहचान भी उसके माता-पिता ने की थी।

इस मामले में शनिवार को ही ट्रायल कोर्ट ने कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर और उनके घरेलू नौकर सुरिंदर कोली को 20 साल की पिंकी सरकार के अपहरण, बलात्कार और हत्या का दोषी पाया गया था। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के वकील जेपी शर्मा ने अदालत से कहा कि वैज्ञानिक तथ्यों से यह साबित हो चुका है कि कोली ने युवती का अपहरण किया, उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इसके अलावा उसने सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ की।

विशेष अदालत के न्यायाधीश पवन कुमार त्रिपाठी ने युवती के अपहरण, हत्या और दुष्कर्म तथा आपराधिक साजिश रचने के मामले में पंढेर और कोली के लिए सजा का ऐलान किया। फैसला सुनाए जाने के वक्त कोली और पंढेर अदालत में ही मौजूद थे। अदालत का फैसला आने के तुंरत बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया। पंढेर जमानत पर रिहा चल रहा था।

कब—कब क्या हुआ इस मामले में :

  • 29 दिसंबर 2006 : दिल्ली से सटे नोएडा में मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले से पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल प्राप्त हुए थे।
  • 29 दिसंबर 2006 : मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरिंदर कोली को पुलिस ने गिरफ़्तार किया।
  • 30 दिसंबर 2006 : सीबीआइ को अपनी खोजबीन के दौरान मानव हड्डियों के कुछ हिस्से और 40 ऐसे पैकेट मिले जिनमें मानव अंगों को भरकर नाले में फेंका गया था।
  • 31 दिसंबर 2006 : दो पुलिस कांस्टेबल को बर्खास्त किया गया।
  • 5 जनवरी 2007 : पंढेर और कोली को पुलिस नार्को टेस्ट के लिए गांधीनगर ले गई।
  • 10 जनवरी 2007 : सीबीआई ने पंढेर और कोली से पूछताछ की. पूछताछ के कुछ ही दिनों के बाद सीबीआई की टीम जांच करने के लिए निठारी पहुंचे। पंढेर के घर के आसपास और भी हड्डियां बरामद टीम को मिली।
  • 25 जनवरी 2007 : पंढेर और कोली के साथ ग़ाज़ियाबाद की एक अदालत परिसर में उस वक्त मारपीट की गई, जब सीबीआई उन्हें पेश करने के लिए अदालत लाई थी।
  • 7 अप्रैल 2007 : पिंकी के कंकाल की शिनाख़्त उसके सलवार सूट और चप्पलों के माध्‍यम से हुई। बाद में कोली ने उसके बालों के क्लिप को भी पहचान लिया।
  • 8 फ़रवरी 2007 : कोली और पंढेर को 14 दिन की सीबीआइ कस्टडी में भेज दिया गया।
  • मई 2007 : सीबीआई ने पंढेर को अपनी चार्जशीट में रिम्पा हलदर के अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपमुक्त कर दिया र्था दो महीने बाद अदालत की फटकार के बाद सीबीआई ने पंढेर को मामले में सह-अभियुक्त बनाया था।
  • 13 फ़रवरी 2009 : विशेष अदालत ने पंढेर और कोली को 15 वर्षीय रिम्पा हलदर के अपहरण, बलात्कार और हत्या का दोषी क़रार दिया और मौत की सज़ा सुनाई। मामले में ये पहला ऐसा फैसला था।
  • 11 सितंबर 2009 : इलाहाबार हाईकोर्ट ने एक मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर को बरी किया और सुरिंदर कोली की मौत की सजा बरकरार रखी।
  • 4 मई 2010 : सीबीआइ की एक विशेष अदालत ने सुरिंदर कोली को सात वर्षीय आरती की हत्या का दोषी करार दिया।
  • 28 अक्टूबर 2014 : सुरिंदर कोली की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इसी वर्ष मार्च में कोली को रिम्पा हलदर की हत्या का दोषी ठहराते हुए उन्हें मौत की सज़ा सुनाई।
  • 12 सितंबर 2014 : इससे पहले सुरिंदर कोली को फांसी दी जानी थी, लेकिन वकीलों के समूह 'डेथ पेनल्टी लिटिगेशन ग्रुप' ने कोली को मृत्युदंड दिये जाने पर पुनर्विचार याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया।
  • 12 सितंबर 2014 : सुप्रीम कोर्ट ने सुरिंदर कोली की फांसी की सज़ा पर अक्टूबर 29 तक के लिए रोक लगा दी।
  • 28 जनवरी 2015 : रिम्पा हलदर हत्या मामले में सुरिंदर कोली की फांसी की सज़ा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्र क़ैद में बदल दिया।
  • 22 जुलाई 2017 : गाजियाबाद की एक विशेष अदालत ने सनसनीखेज निठारी हत्याकांड से जुडे एक मामले में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराया। मामले में 24 जुलाई को यानी आज सुनाया जाना मुकर्रर हुआ।
  • 24 जुलाई 2017 : गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के दोषी मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को सजा—ए—मौत का ऐलान किया।
 


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