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मोहम्मद निजामुलहक ‘उवैैसी’ का 78वां सालाना उर्स संपन्न,अकीदतमंदों ने मजारे मुबारक पर चादर पेश कर शुक्राना किया अदा

अजमेर। विख्यात सूफी संत बाबा बादामशाह के गुरु हजरत मौलाना मोहम्मद निजामुलहक ‘उवैसी’ का 78वां सालाना उर्स बड़ी अजमत और शान के साथ मंगलवार 8 अगस्त को बाबा बादामशाह की मजारे मुबारक सोमलपुर पर कुल की रस्म अदायगी एवं प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हो गया।

उवैसिया रूहानी सत्संग आश्रम के अध्यक्ष गुरुदत्त मिश्रा ने बताया कि सोमवार, 7 अगस्त को प्रातः 6 बजे गुसल,  साढ़े नौ बजे से 11 बजे तक सामूहिक सुमिरन ध्यान, 12 से 2 बजे तक प्रसादी, दोपहर 2 से सायं 5 बजे तक सत्संग एवं आध्यात्मिक चर्चा हुई। सायं 5 बजे से वर्तमान गुरु मुनेन्द्र दत्त मिश्रा ‘उवैसी‘ की अगुवाई में चादर का आयोजन शुरू हुआ जिसमें दूर-दूर से आये अकीदतमंद जायरीन ने अपनी मुरादें पूरी होने पर दादा हुजूर मोहम्मद निजामुलहक साहब की खिदमत में चादरें पेश कर अपना शुक्र्राना अदा किया। इस दौरान अजमेर नगर एवं बाहर से आए कव्वालों की पार्टियां  दादा हुजूर  की शान और अकीदत में कलाम पेश करती हुई आगे चल रही थी।

हुजूर की शान में चादरें पेश करने के लिए लम्बी कतार लगी रही। ढोल-ताशे की गूंज और सूफी कव्वालियों की तरन्नुम के बीच बाबा साहब की मजार पर चादरें पेश की गईं। सायं 7 से 9 बजे तक भोजन प्रसादी एवं रात्रि 9 बजे से प्रातः 4 बजे तक सिलसिले के वर्तमान गुरु मुनेन्द्रदत्त मिश्रा की सदारत में महफिल का आयोजन किया जायेगा जिसमें जयपुर के कव्वाल अनवार, अजमेर के कव्वाल अग्गन और कुर्बान सहित अन्य कव्वालों की पार्टियों ने  दादा हुजूर  की शान और अकीदत में कलाम पेश किए। महफिल पूरी रात चली। 8 अगस्त को अल सुबह कुुल की रस्म एवं प्रसाद वितरण केे साथ उर्स का समापन हो गया। इस दो दिवसीय उर्स का शुभारंभ रविवार  6 अगस्त सायं 7 बजे मीलाद शरीफ व कुरानखानी के साथ हुआ था।



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