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मित्तल हॉस्पिटल में स्नेह एवं सोहार्द से मनाया रक्षाबंधन

अजमेर। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रावण शुक्ल की पूर्णिमा सोमवार 7 अगस्त को मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पर  प्रेम व रक्षा का पवित्र त्योहार 'रक्षाबन्धन' मनाया गया।

मित्तल हॉस्पिटल में उपचाररत रोगियों को हॉस्पिटल की नर्सिंग स्टाफ ने रक्षा सूत्र बांध कर उनके आयु और आरोग्य की वृद्धि की कामना की। नर्सिंग स्टाफ ने प्रत्येक वार्ड में रोगियों की कुशल क्षेम पूछी और उन्हें कुमकुम—रोली का तिलक लगाकर कलाई में रक्षा सूत्र बांधा।
 
रक्षाबंधन का अर्थ है रक्षा+बंधन अर्थात किसी को अपनी रक्षा के लिए बांध लेना। यह स्मरणीय है कि प्राचीन काल में रक्षाबन्धन बहन-भाई तक ही सीमित नहीं था,  अपितु आपत्ति आने पर अपनी रक्षा के लिए अथवा किसी की आयु और आरोग्य की वृद्धि के लिये किसी को भी रक्षा-सूत्र (राखी) बांधा या भेजा जाता था । माला के सूत्र की तरह रक्षा-सूत्र (राखी) भी लोगों को जोड़ता है। गीता में ही लिखा गया है कि जब संसार में नैतिक मूल्यों में कमी आने लगती है तब  ज्योतिर्लिंगम  भगवान  शिव  प्रजापति  ब्रह्मा  धरती पर पवित्र धागे भेजते हैं, जिन्हें बहनें मंगलकामना करते हुए भाइयों के हाथ की कलाई पर बाँधती हैं और भगवान शिव उन्हें नकारात्मक विचारों से दूर रखते हुए दु:ख और पीड़ा से मुक्ति दिलाते हैं। रक्षाबंधन का मंत्र : येन बद्धो बलिः राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल | निसंदेह रक्षाबन्धन का पर्व आत्मीयता और स्नेह के बन्धन से रिश्तों को मज़बूती प्रदान करने का पर्व है। मित्तल हॉस्पिटल में इसे एक परम्परा के रूप में मनाया जाता है और रोगियों को दु:ख और पीड़ा से शीघ्र मुक्ति दिलाने की कामना की जाती है।

मित्तल हॉस्पिटल के निदेशक मनोज मित्तल ने रक्षा बंधन के  अवसर पर सभी को दीर्घ आयु प्राप्त करने और  शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ पाने की मंगलकामनाएं की।



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