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GST दरों में हुआ बदलाव, अब सिर्फ यही वस्तुएं रहेंगी 28 फीसदी वाले स्लैब में, 15 नवंबर से मिलेगा फायदा

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नई दिल्ली। 30 जून और 1 जुलाई की मध्यरात्रि से देशभर मे लागू हुए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, यानी GST के बाद आज एक बार​ फिर से GST की दरों में बदलाव किया गया है। GST की दरों में आज हुए बदलाव के बाद अब सिर्फ 50 वस्तुओं पर सर्वाधिक GST दर 28 फीसदी लागू होगी। गौरतलब है कि इससे पहले 28 फीसदी वाले स्लैब में करीब 220 वस्तुएं आती थीं। GST की दरों में आज हुए बदलाव के बाद आम लोगों को इसका फायदा 15 नवंबर से मिलने लगेगा।

गुवाहाटी में आज आयोजित की गई जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। काउंसिल की बैठक में करीब 200 से ज्यादा वस्तुओं को 28 फीसदी वाले स्लैब से बाहर कर दिया गया है और उन्हें अब 18 फीसदी वाले स्लैब में शामिल कर दिया गया है। ऐसे में जीएसअी की दरों में किए गए बदलाव के बाद कई वस्तुएं सस्ती होगीं, जिसका फायदा आम आदमी को 15 नवंबर से मिलेगा।



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जीएसटी काउंसिल की बैठक में एसी और नॉन एसी रेस्टोरेंट पर भी जीएसटी की दर घटाने का फैसला किया गया है। अब एसी और नॉन एसी रेस्टोरेंट 5 फीसदी की स्लैब में आएंगे, जिससे रेस्टोरेंट में भोजन करना अब सस्ता हो जाएगा। इससे पहले एसी रेस्टोरेंट को 28 फीसदी वाले स्लैब में रखा गया था, जिसका कई होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और आम लोगों ने काफी विरोध किया था।

वित्त मंत्री अरूण जटेली ने गुवाहाटी में हुई काउंसिल की बैठक के बाद ये ऐलान किया। जेटली ने कहा कि अब रेस्टोरेंट्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का बेनिफिट नहीं मिलेगा। वहीं 7500 रुपए से ज्यादा रेंट वाले होटलों पर आईटीसी सहित 18 फीसदी टैक्स लगेगा। वहीं जीओएम हेड सुशील मोदी ने कहा कि पेंट और सीमेंट 28 फीसदी के ब्रैकट में रहेंगे। इसके अलावा वाशिंग मशीन और एयर कंडीशनर्स जैसे लग्जरी गुड्स को भी 28 फीसदी के ब्रैकट में रखा गया है।


 
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सुशील मोदी ने कहा कि हर तरह के च्युइंगम, चॉकलेट, फेशियल मेकअप तैयार करने की चीजें, शेविंग, आफ्टर शेव, शैम्पू, डियोड्रेंट, वाशिंग पाउडर, डिटरजेंट, ग्रेनाइट और मार्बल 28 फीसदी की जगह अब 18 फीसदी वाले स्लैब में शामिल होंगी। मोदी ने कहा कि इस फैसले से सरकार को लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू लॉस होगा। उनके मुताबिक यह अहम है कि जीएसटी लागू होने के महज 4 महीने के भीतर जीएसटी रेजीम में स्थायित्व आ गया है। अब फाइनेंशियल ईयर खत्म होने में लगभग 4 महीने ही बचे हैं।

उल्लेखनीय है कि 30 जून और 1 जुलाई की मध्य रात्रि से देशभर मे जीएसटी लागू किया गया था। जीएसटी की लॉन्चिंग के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी को एक नया नाम देते हुए जीएसटी को गुड्स एवं सिम्पल टैक्स की संज्ञा दी थी। वहीं जीएसटी लागू होने के बाद देशभर में कई चीजों के दामों में बदलाव भी हुआ है, जिसमें कुछ चीजों के दाम बढ़े हैं तो कुछ चीजों के दामों में गिरावट भी हुई है।


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