राजस्थान में नई आबकारी नीति लागू, फिर होगी शराब की दुकानों के लिए लॉटरी - RNews1 Hindi Khabar

Header Ads

राजस्थान में नई आबकारी नीति लागू, फिर होगी शराब की दुकानों के लिए लॉटरी

Jaipur, Rajasthan, Vitt Bhawan Jaipur, Finance Department Jaipur, New Exice Policy, Rajasthan News, new excise policy in Rajasthan
जयपुर। राजस्थान सरकार के वित्त (आबकारी) विभाग की ओर से वित्त वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 के लिए नई आबकारी नीति जारी की गई है। नई आबकारी नीति के मुताबिक, प्रदेश में शराब की दुकानों के लिए फिर से लॉटरी आयोजित की जाएगी। शराब की दुकानों के लिए आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। आबकारी बंदोबस्त की अवधि एक वर्ष 2017-18 रहेगी, जिसे बाद में एक साल और 2018-19 के लिए रिन्यू का आॅप्शन दिया जाएगा।

शराब की दुकान के लिए आवेदन करने के लिए इस बार अमानत राशि में कटौती कर 2 प्रतिशत की बजाय 1 प्रतिशत किया गया है। वहीं आवेदन शुल्क में 1 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है। शराब की दुकानों के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। शराब की दुकानों का समय पूर्व निर्धारित सुबह 10 बजे से लेकर रात 8 बजे तक ही रखा गया है। साथ ही शराब की दुकानों की संख्या में भी कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा, जिसके चलते शराब की दुकानें पहलीे के समान ही रहेगी।

नई आबकारी नीति के अनुसार, देशी मदिरा समूहों के लिए (बांसवाड़ एवं डूंगरपुर के अतिरिक्त) शराब की दुकानों के लिए आवेदन शुल्क एवं अमानत राशि 16 हजार (10 लाख रुपए तक निर्धारित वार्षिक राशि वाले समूह) एवं 21 हजार रुपए (10 लाख रुपए से अधिक निर्धारित वार्षिक राशि वाले समूह) रखा गया है। वहीं बांसवाड़ एवं डूंगरपुर जिलों के देशी मदिरा समूहों के लिए आवेदन शुल्क 7 हजार (10 लाख रुपए तक आरक्षित वार्षिक राशि वाले समूह) एवं 11 हजार रुपए (10 लाख रुपए से अधिक आरक्षित वार्षिक राशि वाले समूह) रखा गया है।

इसी प्रकार से देश में निर्मित अंग्रेजी शराब की दुकान का आवेदन करने के लिए 16 हजार (10 लाख रुपए तक की वार्षिक फीस वाली दुकान) और 22 हजार रुपए (10 लाख रुपए से अधिक वार्षिक फीस वाली दुकान) रखा गया है। वहीं सभी श्रेणी के होटल बार अनुज्ञापत्रों की प्रारंभिक लाइसेंस फीस को यथावत रखा गया है। प्रत्येक आवेदन के लिए जमा कराया गया आवेदन शुल्क अ​प्रतिदेय यानि नॉन रिफन्डेबल होगा।


पूरी आबकारी नीति यहां देखें



Get all updates by Like us on Facebook and Follow on Twitter

Powered by Blogger.