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एसिड अटैक पीड़ितों के लिए कानून को सख्ती से लागू करने पर जोर

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अजमेर। जिला विधि सेवा प्राधिकरण अजमेर द्वारा  नालसा की एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को विधिक सहायता 2016 की प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रविवार को जनजागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। पूर्णकालिक सचिव राकेश गोरा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुलपति कैलाश सोडानी के मुख्य आतिथ्य में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के सभागार में प्रातः10 बजे उदघाटन सत्र  माता सरस्वती के आगे दीप प्रज्वलित के साथ शुरू हुआ। 

सत्र की अध्यक्षता प्राधिकरण अध्यक्ष एवं जिला सेशन जज विष्णु दत्त शर्मा ने की। पुलिस अधीक्षक डॉ. नितिन दीप ब्लग्गन तथा कार्यशाला समन्वयक रिटायर्ड सेशन जज हरि शंकर आसनानी इस अवसर पर मंचासीन थे। प्राधिकरण की और से अतिथियों के साथ वक्ताओं ने एसिड अटैक स्मारिका का विमोचन 
किया। सेमीनार का उद्देश्य पैनल अधिवक्ता और पैरालीगल वॉलंटीयर के लिए प्रशिक्षण और प्रबोधन कार्य आयोजित करना ताकि उन्हें एसिड हमलों के मामलों पर कार्यवाही करने के तरीकों की जानकारी दी जा सके और उनकी क्षमता, ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि की जा सके।

आयोजित कार्यशाला में इसके कारण, सामाजिक, न्यायिक , चिकित्सा व् पुनर्वास जैसे विचारणीय पहलुओं पर  विशेषज्ञों ने अपना अपना प्रस्तुतिकरण दिया । इस अवसर पर जिले के न्यायिक अधिकारी, समस्त मजिस्ट्रेट, पुलिस व चिकित्सक अधिकारी, अधिवक्ता, स्वयं सेवी संगठन उपस्थिति थे। न्यायाधीश श्रम न्यायालय अजमेर एस.एन. टेलर, न्यायाधीश मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अनन्त भण्डारी, तथा डॉ. वाग्येश्वरी देशवाल, अस्सिटेंट प्रोफेसर दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा सेमीनार में एसिड अटैक से पीड़तों को सहायता एवं पुलिस की भूमिका विषय पर उद्बोधन दिया गया।

द्विवित्य सत्र में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लाल थदानी ने एसिड पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास विषय पर बोलते हुए भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क जांच व दवा एवं अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. थदानी ने जिला स्तर पर निगरानी कमिटी के सुझाव का सदन ने करतल ध्वनि के साथ स्वागत किया। उनके साथ सीनियर प्रोफेसर एचओडी प्लास्टिक सर्जरी जेएलएन अस्पताल मधु माहेश्वरी, असीस्टेंट प्रोफेसर मनोचिकित्सा विभाग जेएलएन अस्पताल डॉ.चरण सिंह जिलोवा, सेवानिवृत्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश एच.एस. आसनानी द्वारा एसिड अटैक पीड़त एवं अस्पतालों की भूमिका विषय पर उद्बोधन दिया गया।

भोजनावकाश के बाद तीसरे सत्र में स्थायी लोक अदालत अजमेर अध्यक्ष चन्द्र भान गुप्ता, द्वारा एसिड अटैक पीड़तों व स्थायी लोक आदलत विषय पर उदबोधन दिया गया, पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राकेश गोरा, गोविन्द बेनीवाल द्वारा एसिड अटैक से पीडितों को सहायता, स्वयं सहायता समूह की भूमिका तथा अस्पतालों की सेवाएं पर उद्बोधन दिया गया।

सेमीनार के अंतिम चरण में प्रिंसीपल सरकारी लॉ कॉलेज डी. के. सिंह, प्राध्यापक सरकारी लॉ कॉलेज सुनिल कुमार एवं  आर.एन. चौधरी व सेवानिवृत जज असनानी और प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मी ठाकुर ने पैनल के दौरान प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए। डॉ प्रवीण शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस विभाग से सी.आई दिनेश जीवनानी, अयुब खान, हरीश चौधरी, मुनीर मोहम्मद, मदन लाल, प्रहलाद सिंह, डॉ.अशोक कुमार किशनगढ, डॉ. घनश्याम, एस.डी.ओ सरवाड, डॉ. सुमन देवी एस.डी.ओ पीसांगन, रचना विश्नोई एस.आई, पीयुष, एस.डी.ओ ब्यावर ने भी भाग लिया ।



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