देई कृषि उपज मण्डी मे जिंसों की बम्पर आवक, दिन मे नहीं मिल रही एंट्री - RNews1 Hindi Khabar

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देई कृषि उपज मण्डी मे जिंसों की बम्पर आवक, दिन मे नहीं मिल रही एंट्री

कोटा। देई कृषि उपज मंडी देई मे बम्पर जिंसो की आवक दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। सुबह दस बजे बाद मंडी के अंदर ट्रेक्टर ट्रोलियो सहित वाहनो मे आने वाली जिंसो को एंट्री नही मिल रही है। दोपहर बाद एंट्री नही मिलने से कही वाहनो मे भरी जिंसो को लेकर किसान वापस लोट गये या मंडी के बाहर बेचकर चले गये, जिससे किसानो को अपनी मेहनत की उपज को बेचने मे भी परेशानी का सामना करना पड रह है। मंडीे जिंसों के ढेरो से ठसाठस दिखाई दी। किसानो का सोना बैठना व खाना मंडी मे ही हो रहा है।

शुक्रवार को बिके माल की शनिवार सुबह तक तुलाई होती रही। व्यापारी माल को सीधे ट्रको मे लदान करवाकर माल का उठाव कर रहे है। माल का उठाव होने के बाद जगह होने पर जिंसो से भरे वाहनो को रात्रि मे एंट्री मिल रही है। हमालो मे मंडी मे पानी की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने की मांग की है। गेंहू कृषि उपज मंडी मे गेहूं व सरसो किसानो को समर्थन मूल्य से भी कम भावो मे मंडी मे बेचनी पड रही है, जिससे किसानो को अपनी उपज का सरकारी दाम भी नही मिल रहा है। किसानो को कम भाव मे माल बेचना मजबूरी बन गई है।क्योंकि मंडी मे समर्थन मूल्य पर सरसों व गेहूं दोनो की खरीद नही हो रही है। शुक्रवार को मण्डी मे २७५० बोरी सरसो की आवक हुई थी। जिसका भाव २८५०-३४७० रूपये था वही शनिवार को ३०००-३४८६ रूपये रहा, जबकि समर्थन मूल्य ३७०० रूपये है।

ऐसे मे किसान को करीब ढाई सो रूपये प्रतिकिवंटल कम मिल रहा है। वही गेंहू की शुक्रवार को ११५ बोरी की आवक हुई जिसका भाव १५०० -१६०१ रहा शनिवार को १५००-१५९१ मे बिका जबकी समर्थन मूल्य का भाव १६२५ है ऐसे मे किसान को गेहूं मे तीस रूपये प्रति किवंटल कम दाम मिल रहा है। वही समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र चालु नही होने का कारण जानकारी के अनुसार लेबर का ठेका नही होना बताया गया है।

चल रहा आंकडो का खेल :
कृषि उपज मंडी मे शुक्रवार को पूरी मंडी जिंसो से अटी रही। लेकिन मंडी द्वारा आवकके दिए आंकडो से मंडी मे आवक के आंकडो को खेल समझ से परे है। शुक्रवार को मंडी मे ४४५० कुल बोरी की आवक दर्ज हुई। जिसमे सरसो २७५० मसूर ७०५ चना ४२४ उडद ४०६ गेहूं ११५ सोयाबीन ४० व मेथी १० बोरी की आवक बताई है। मंडी मे शुक्रवार को जिंसो के ढेर लगाने का स्थान भी नही बचा था। वही मंडी प्रशासन का कहना था कि शुक्रवार को आधी जिंसो की नीलामी हुई ओर तुलाई भी आधी जिंसोकी होने से एकदम सटीक आंकडा नही बैठता है। नाममात्र के व्यापारी कर रहे खरीद कृषि उपज मंडी मे लाईसेंसधारी व्यापारियो मे से नाममात्र के व्यापारी खरीद कर रहे है। जानकारी के अनुसार मंडी मे करीब ८० लाईसेंसधारी व्यापारी पंजीकृत है। जिसमे से करीब २० के करीब ही मंडी मे जिंसो की खरीद फरोखत कर रहे है।



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