पर्सनल लोन लेने के तरीकों में क्रान्तिकारी परिवर्तन ला रही आई 2 आई फंडिंग - RNews1 Hindi Khabar

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पर्सनल लोन लेने के तरीकों में क्रान्तिकारी परिवर्तन ला रही आई 2 आई फंडिंग

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जयपुर। अक्टूबर 2015 से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे पीयर टू पीयर लेंडिग क्षेत्र के संस्थान आई 2 आई फंडिंग पर्सनल लोन लेने के तरीकों में क्रान्तिकारी रूप से परिवर्तन ला रही है। इसकी स्थापना जोधपुर की एक प्रतिभाशाली लड़की मनीषा बंसल ने की है। मनीषा ने अपनी स्कूलिंग एवं चार्टेड अकाउण्टेंट की पढ़ाई जोधपुर से की है। उसकी उद्यमिता का सफर कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही प्रारम्भ हुआ, जब वह अपने पिता प्रोफेसर श्यामलाल चौधरी को जोधपुर कम्प्यूटर सर्विसेज के विस्तार में मदद करती थीं। मनीषा के साथ अन्य सह-संस्थापक भारत के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल्स- आईआईएम अहमदाबाद व आईआईएम कलकत्ता से है।

इस स्टार्टअप के बारे में विस्तार से बताते हुए मनीषा ने कहा कि हमारा ध्येय आई 2 आई फंडिंग को भारत का सबसे विश्वसनीय पीयर टू पीयर प्लेटफार्म बनाना है, जहां पर कम ब्याज पर सुविधापूर्वक पर्सनल लोन मिल सकें एवं निवेशक अपनी इनवेस्टमेंट पर ज्यादा रिटर्न पा सकें। पर्सनल लोन का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिये किया जा सकता है जैसे कि उपभोक्ता वस्तुओं के क्रय क्रेडिट कार्ड का पुनर्भुगतान चिकित्सा सेवाओं शिक्षा एवं शादी से सम्बन्धित व्यय आदि। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी सरल एवं तत्काल होगी। ऋण प्राप्त करने के लिए कम्पनी की वेबसाईट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा एवं द्वितीय चरण में क्रेडिट मूल्यांकन के लिए सभी जरूरी दस्तावेज साझा करने होंगे।

आई 2 आई फंडिंग एक विशेष क्रेडिट रिस्क एल्गोरिद्म के माध्यम से जोखिम का मूल्यान्कन करता है। इसी जोखिम मूल्यान्कन के आधार पर मानदण्डों के अनुरूप ऋणी की ब्याज दर निर्धारित की जाती है। दूसरी ओर जो निवेशक इस प्लेटफार्म पर रजिस्टर्ड हैं, वो ऋण के इच्छुक व्यक्ति की प्रोफाईल को देख सकते हैं एवं ऋण के एक हिस्से को फण्ड कर सकते हैं, जिससे निवेशकों को ना केवल अधिक रिटर्न कमाने का अवसर मिलता है, अपितु छोटी राशि के ऋण देकर अपने जोखिम में विविधता लाने की भी सुविधा मिलती है। आई 2 आई फंडिंग के निवेशक खुदरा ऋणकर्ताओं के ऋण अनुरोध पर अधिकतम 30 प्रतिशत तक की ऊंची ब्याज दर पर निवेश कर सकते हैं। इसके सरल यूजर इंटरफेस के माध्यम से निवेशक बड़ी आसानी से किसी भी प्रोफाईल को फण्ड कर सकते हैं।

कम्पनी की विशेषताओं के बारे में बताते हुए मनीषा ने बताया कि निवेशक की चिंताओं का समाधान करने हेतु निवेशकों द्वारा दिये गये ऋण के मूलधन की सुरक्षा के लिए एक निवेशक सुरक्षा कोष बनाया गया है। डिफाल्ट होने की स्थिति में आई 2 आई फंडिंग के निवेशकों द्वारा 50 से 100 प्रतिशत मूल धन का पुनर्भुगतान किया जायेगा। कम्पनी महानगरों में बहुत अच्छा व्यवसाय कर रही है तथा विस्तार योजना के अन्तर्गत अब 50 से अधिक शहरों में अपनी सेवाएं प्रारम्भ कर रही है, जिसमें राजस्थान के प्रमुख शहर जयपुर जोधपुर बीकानेर एवं कोटा शामिल हैं।




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