संग्रहालय में बनेगी पृथ्वीराज, स्वामी दयानन्द एवं अन्य स्थानीय महापुरूषों की दीर्घा - RNews1 Hindi Khabar

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संग्रहालय में बनेगी पृथ्वीराज, स्वामी दयानन्द एवं अन्य स्थानीय महापुरूषों की दीर्घा

अजमेर।  शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर किला स्थित राजकीय संग्रहालय में सम्राट पृथ्वीराज चैहान, स्वामी दयानन्द सरस्वती और अन्य स्थानीय योद्धाओं एवं महापुरूषों की शौर्य गाथाओं एवं जीवनियों की गूंज सुनाई देगी। संग्रहालय में करीब एक करोड़ रूपए की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे है। नई बनाई जा रही दीर्घाओं में राष्ट्रीय गौरव से जुड़े योद्धाओं और महापुरूषों को यथोचित स्थान दिया जाएगा। उदयपुर से पृथ्वीराज रासो की प्रतिलिपि मंगवाकर संग्रहालय में रखवायी जाएगी। अन्य ऐतिहासिक संसाधनों, मूर्तियों, तोप व हथियारों को भी सही स्थान पर प्रदर्शित किया जाएगा।

देवनानी ने आज विश्व संग्रहालय दिवस पर अजमेर का किला स्थित राजकीय संग्रहालय में एक करोड़ रूपए की लागत से कराए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि राजकीय संग्रहालय में अजमेर की पहचान, मान, सम्मान और शौर्य से जुड़े योद्धाओं और महापुरूषों से जुड़ी तमाम वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाएगा। संग्रहालय में नई बनने वाली दीर्घाओं में अजमेर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जीवनी, पृथ्वीराज रासो और उनसे जुड़ी यादों को विशिष्ट स्थान देकर प्रदर्शित किया जाएगा। उदयपुर से पृथ्वीराज रासो की प्रतिलिपि भी मंगवायी जाएगी। इसी तरह स्वामी दयानन्द सरस्वती से जुड़ी वस्तुओं के लिए भी एक दीर्घा रखी जाएगी। अजमेर से जुड़े तमाम ऐतिहासिक व्यक्तियों की झांकी संग्रहालय में दिखायी देगी। इसके लिए शीघ्र ही अजमेर के इतिहासकारों से चर्चा कर योजना को अन्तिम रूप दिया जाएगा।

देवनानी ने बताया कि संग्रहालय में करीब डेढ़ हजार मूर्तियां, इतिहास से जुड़ी वस्तुएं एवं हथियार आदि हैं। इन्हें विभिन्न स्थानों पर बनाए जा रहे बाक्स में प्रदर्शित किया जाएगा। संग्रहालय में विभिन्न किलों से आयी तोपें एवं अन्य ऐतिहासिक हथियार भी प्रदर्शित होंगे। संग्रहालय को नया रंग रूप मिलने के बाद पुनः पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।

संग्रहालय में पूर्व में की गई नक्काशी रंग रोगन में दब गई थी। इसे फिर से उभारा जाएगा। संग्रहालय को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि यह ऐतिहासिकता और राष्ट्रीय गौरव के केन्द्र के रूप में युवा पीढी़ के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन सके। संग्रहालय फिर से तैयार होने के पश्चात जिले के सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को यहां भ्रमण करवाया जाएगा ताकि वे अपने पूर्वजों के शौर्य, त्याग, बलिदान एवं ऐतिहासिक महत्व को जान सकें व समझ सकें।

संग्रहालय के अधीक्षक नीरज त्रिपाठी ने उन्हें संग्रहालय में जीर्णोद्धार के लिए करवाए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर उनके साथ विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।



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