अक्षयपात्र फाउंडेशन ने बांटे 16 हजार से अधिक बच्चों को जूते - RNews1 Hindi Khabar

Header Ads

अक्षयपात्र फाउंडेशन ने बांटे 16 हजार से अधिक बच्चों को जूते

अजमेर । शहर एवं पैराफेरी गांवों की गरीब बस्तियों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को अब नंगे पैर स्कूल नहीं जाना पड़ेगा। अजमेर शहर एवं आसपास के करीब 16 हजार से अधिक बच्चों को अक्षयपात्र फाउंडेशन द्वारा पहनने के लिए जूते दिए जा रहे है। बच्चों को स्वास्थ्य एवं बेहतर शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए फाउण्डेशन द्वारा यह अभिनव शुरूआत की गई है।

अक्षयपात्र फाउंडेशन एवं शिक्षा विभाग द्वारा पदवेश वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ आज शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी एवं संसदीय सचिव सुरेश रावत ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभागार में किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का प्रयास है कि बच्चों को स्कूली स्तर पर ही इस तरह का परिवेश मिले कि भविष्य में वे देश के सुयोग्य नागरिक बन सकें। प्रदेश की शिक्षा को इस तरह आगे बढ़ाया जा रहा है कि विद्यार्थी प्रतिस्पद्र्धी युग में अपने आपको साबित कर सकें।

उन्होंने कहा कि मिड डे मील योजना इसलिए शुरू की गई कि कोई विद्यार्थी भोजन की कमी या गरीबी के कारण स्कूल जाने से वंचित ना रहे। अब अक्षयपात्र फाउंडेशन द्वारा सरकारी स्कूलों के बच्चों को पहनने के लिए जूते उपलब्ध कराए जाने की यह पहल निश्चित रूप से क्रांतिकारी साबित होगी। नंगे पैर स्कूल जाने से सर्दी, गर्मी व बरसात को मौसम में गरीब बच्चों को कई तरह की बीमारियों एवं चोट का खतरा बना रहता है। उन्हें पदवेश (जूते) मिलने से  हजारों बच्चों को राहत मिलेगी।

शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों में अगले सत्र से गणवेश में भी परिर्वतन किया जा रहा है। नई गणवेश सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को और अधिक पसंद आएगी । साथ ही उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहाकि पिछले दो सालों में राजस्थान के सरकारी स्कूलों में 13 लाख विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है। इस साल दस लाख नामांकन बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। यह साबित करता है कि राजस्थान में शिक्षा की तस्वीर बदल रही है।

संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की शिक्षा के साथ साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक है। विद्यार्थियों को खेलों के प्रति भी जागरूक किया जाए। अक्षयपात्र फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा यह कार्य सराहनीय है। बच्चों को पौष्टिक मिड डे मील के साथ ही जूते भी मिलने से उनमें स्कूल आने की प्रति रूझान और बढ़ेगा। बच्चे देश का भविष्य है। शिक्षक भी अपनी जिम्मेदारी समझे और विद्यार्थियों को सुयोग्य नागरिक बनाने के लक्ष्य के प्रति जुटें।

अक्षयपात्र फाउंडेशन के रघुपति दास ने बताया कि फाउण्डेशन द्वारा समाजहित में विभिन्न कार्य किए जा रहे है। इन कार्यो के लिए फाउण्डेशन को पद्मश्री पुरस्कार से भी नवाजा गया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही अजमेर शहर एवं आसपास के स्कूलों को वितरित किए जाने वाले मिड डे मील की संख्या में और वृद्धि की जाएंगी इससे करीब 13 हजार अतिरिक्त विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बी.एल. चौधरी ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव मेघना चौधरी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।



Get all updates by Like us on Facebook and Follow on Twitter

Powered by Blogger.