1993 मुंबई बम धमाके : अबू सलेम समेत 6 आरोपियों को दोषी करार, सबूतों के अभाव में एक बरी - RNews1 Hindi Khabar

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1993 मुंबई बम धमाके : अबू सलेम समेत 6 आरोपियों को दोषी करार, सबूतों के अभाव में एक बरी

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मुंबई। 1993 में हुए मुंबई धमाकों के मामले में टाडा कोर्ट ने आज अहम फैसला सुनाया है, जिसमें अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम समेत 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। मायानगरी मुंबई में हुए उन धमाकों के पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम करते हुए टाड़ा कोर्ट ने आज इस मामले के आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने अबू सलेम समेत 6 आरोपियों को दोषी माना है, जबकि अब्दुल कय्यूम को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है। फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया। इस मामले में दोषियों को दी जाने वाली सजा पर सोमवार से सुनवाई की जाएगी।

साल 1993 में 12 मार्च को मुंबई में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में विशेष टाडा अदालत ने आज अपना अहम फैसला सुनाया है। इस मामले में अबू सलेम समेत सात आरोपियों पर जस्टिस जीएस सानप की बेंच अपना फैसला सुनाया, जिसमें गैंगस्टर अबू सलेम को साजिश में शामिल होने के आरोप में दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने जहां अबू सलेम को बम ब्लास्ट का मुख्य साजिशकर्ता माना, वहीं मुस्तफा और मोहम्मद डोसा, फिरोज राशिद खान, करीमुल्ला शेख, ताहिर मर्चेंट को भी 93 ब्लास्ट का दोषी करार दिया है। इसके अलावा एक आरोपी अब्दुल कय्यूम को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।

मामले के सातों आरोपियों की सुनवाई मुख्य मामले से अलग कर दी गई थी, क्योंकि उन्हें मुख्य सुनवाई खत्म होने के वक्त गिरफ्तार किया गया था। साल 2007 में टाडा कोर्ट ने 100 लोगों को सजा सुनाई। इसी मामले में याकूब मेमन को 2015 में फांसी हुई थी। ब्लास्ट से जुड़े एक अन्य मामले में ही फिल्म अभिनेता संजय दत्त अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए और उन्हें टाडा कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी। वहीं ब्लास्ट का मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम 1995 से फरार है।

गौरतलब है कि 12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 713 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे और इससे 27 करोड़ रुपए की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। साल 2007 में पूरे हुए सुनवाई के पहले चरण में टाडा अदालत ने इस मामले में याकूब मेमन सहित सौ आरोपियों को दोषी ठहराया था जबकि 23 लोग बरी हुए थे।




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