शिक्षा दिखाती सात पीढ़ी तक राह : भदेल - RNews1 Hindi Khabar

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शिक्षा दिखाती सात पीढ़ी तक राह : भदेल

अजमेर । एक व्यक्ति अथवा बच्चे के द्वारा प्राप्त शिक्षा उसकी आने वाली सात पीढ़ी तक राह दिखाती रहती है। यह बात महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल ने सोमवार को खानपुरा और पर्वतपुरा में आंगनबाड़ी केन्द्रों के लोकार्पण समारोह में कही। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों को हिन्दूस्तान जिंक तथा राजस्थान सरकार की खुशी परियोजना के अन्तर्गत नन्दघर के रूप में विकसित किया गया है।

भदेल ने कहा कि बालक-बालिकाओं की शिक्षा से जोड़ा जाना आवश्यक है। यह वर्तमान समय की आवश्यकता है। बच्चों के द्वारा शिक्षा अपनाने से उनकी आने वाली सात पीढ़ीयों का भविष्य संवर जाता है। बच्चों को शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ाने में आंगनबाड़ी केन्द्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों को अपनी मां का आंचल सबसे सुरक्षित जगह लगती है। उसे मां जैसी ही भूमिका में आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता, सहायिका और महिला सुपरवाईजर नजर आती है। इससे घर का सा वातावरण मिलता है। बच्चा आंगनबाड़ी की गतिविधियों से विद्यालय के लिए स्वयं को तैयार करने लगता है। इससे बच्चे की पूर्व प्राथमिक शिक्षा आरम्भ हो जाती है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को पूर्व प्राथमिक पाठशाला के रूप में विकसित होने से बच्चों और अभिभावकों को बड़ा लाभ मिलेगा। बच्चे विद्यालय के वातावरण के प्रति सामंजस्य बिठा पाएंगे। नियमित रूप से केन्द्र में आने से बच्चों में सीखने के प्रति रूझान बढ़ेगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों नन्दघर योजना में शामिल होने से बच्चों को खेल-खेल में सिखने की सुविधा प्राप्त होगी। वेदान्ता हिन्दूस्तान जिंक के सहयोग से दोनो आंगनबाड़ी केन्द्रों को सुविधाएं प्राप्त हुई है। बच्चे एलसीडी टीवी पर नयी विधाओं के साथ अध्ययन करेंगे। दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी से बच्चे पर्यावरण के बारे में जानकारी कर पाएंगे। बच्चों को सीखाने वाली सामग्री आकर्षक तरीके से प्रस्तुत की गयी है। यह बच्चों को स्वयं सीखने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र सहित समस्त सार्वजनिक सम्पत्ति सबकी होती है। इनकी सुरक्षा समाज की जिम्मेदारी है। आंगनबाड़ी केन्द्रों को बच्चों को पंजीकरण करवाकर छोड़ना ही अभिभावकों की जिम्मेदारी नहीं है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के सुचारू संचालन पर भी नजर रखी जानी चाहिए। पोषाहार का उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। केन्द्र के माध्यम से बच्चों में आने वाले बदलाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्थानीय पार्षद रईस मौहम्मद को आंगनबाड़ी केन्द्र के नियमित निरीक्षण तथा उसकी रिपोर्ट व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध करवाने के निर्देश प्रदान किए।

वेदान्ता हिन्दूस्तान जिंक की सीएसआर प्रमुख निलीमा खैतान ने कहा कि कम्पनी द्वारा लगभग 300 केन्द्रों पर कार्य किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों को आधुनिक प्ले स्कूल बनाने के लिए हर प्रकार से सहयोग प्रदान किया जाएगा। अजमेर में 10 केन्द्रों पर कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। 25 नए केन्द्रों को विकसित किया जाएगा।

लोकार्पण समारोह मे नगर निगम के उप महापौर संपत सांखला ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र को प्ले स्ूकल के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना स्वागत योग्य है । अजमेर विकास प्राधिकरण के द्वारा सामुदायिक भवनों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध करवाकर आंगनबाड़ी के लिए प्रदान करना एक मिसाल है।

हिन्दूस्तान जिंक के स्थानीय कायड़ ईकाई प्रमुख बलवंत सिंह राठौड़ ने कहा कि कार्यक्षेत्र के समुदाय को विकास की दिशा में आगे बढ़ाना प्रत्येक काॅर्पोरेट हाउस का दायित्व है। स्थानीय पार्षद रईस मौहम्मद ने वार्ड के विकास पर अपने विचार व्यक्त किए। आईसीडीएस की उप निदेशक अनुपमा टेलर ने विभागीय सुविधाओं की जानकारी प्रदान की।

इस अवसर पर अजमेर विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता राजेन्द्र कुड़ी, कार्यक्रम अधिकारी नितेश यादव, उधम सिंह नगर उत्तराखण्ड के दल के सदस्य, सोहन शर्मा सहित स्थानीय नागरिक, महिलाए एवं बच्चे उपस्थित थे।



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