शरीर के ट्रेफिक को कंट्रोल रखेंगे यातायात पुलिस कर्मी : पुलिस अधीक्षक - RNews1 Hindi Khabar

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शरीर के ट्रेफिक को कंट्रोल रखेंगे यातायात पुलिस कर्मी : पुलिस अधीक्षक

अजमेर। दिन भर धूल, धूप और धूएं में रहने वाले यातायात पुलिस कर्मी शहरी सड़क यातायात नियंत्रण पर जितना ध्यान देते हैं उतना ही उन्हें शारीरिक यातायात को नियंत्रित रखने में देना होगा। शरीर स्वस्थ होगा तो यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने में भी चुस्ती और फुर्ती बनी रहेगी।

जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह चौधरी ने रविवार को अजमेर जिला यातायात पुलिस कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यह सलाह दी। पुलिस अधीक्षक मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पर आयोजित निःशुल्क जांच एवं परामर्श शिविर का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। शिविर का आयोजन स्वतंत्रता दिवस की 70 वीं वर्षगांठ के अवसर पर अजमेर जिला यातायात पुलिस कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से किया था। शिविर में तकरीबन 150 से अधिक यातायात पुलिस कर्मियों व पुलिस लाइन के जवानों ने निःशुल्क शारीरिक जांच कराई और परामर्श लिया।

पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर बताया कि अजमेर जिला पुलिस लाइन को घूम्रपान निषेद्य जोन घोषित किया जाएगा। पुलिस लाइन से निकलने वाले प्रत्येक कर्मचारी अथवा व्यक्ति को हेलमेट लगाना अनिवार्य है। इसके लिए दोनों दरवाजे पर गार्ड भी लगाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी आदेश और निर्देश की शुरूआत स्वयं से और घर से की जानी चाहिए। यही विचार कर उन्होंने चैराहे पर खड़े होकर घूम्रपान करने वाले यातायात पुलिस कर्मचारियों पर भी सख्ती करने का निर्णय किया है। अब यदि कोई पुलिस कर्मचारी सड़क पर सिगरेट पीता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही होगी। उन्हें यह बताते हुए खुशी है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों की घर पकड़ में अजमेर का पूरे राजस्थान में बड़ा नाम हुआ है। उन्होंने बताया कि 48 घंटे की जांच कार्यवाही में लगभग 500 लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की गई। उन्होंने कहा कि मित्तल हाॅस्पिटल प्रबन्धन ने यातायात पुलिस कर्मचारियों के शारीरिक यातायात की निःशुल्क जांच कर उन्हें स्वस्थ रहने के परामर्श देकर बेहद पुनीत कार्य किया है। दिनभर धूल, धूप और धूंए व तनाव में रहने वाले पुलिस कर्मचारी कभी अपने शरीर के यातायात के बारे में विचार ही नहीं कर पाते। अब सभी यातायात पुलिस कर्मचारी पहले अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहेंगे और स्वस्थ रहेंगे तो सही और मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी को अंजाम दे सकेंगे।

इस अवसर पर मित्तल हाॅस्पिटल के अस्थमा व श्वास रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रमोद दाधीच ने यातायात पुलिस कर्मचारियों को पावर प्रजेंटेशन के जरिए प्रदूषण से घिरे होने पर यातायात पुलिस कर्मचारियों में संभावित बीमारियों से अवगत कराया और उन्हें उसके बचाव के तरीके बताए साथ ही लक्षण और कारण पर प्रकाश डाला। डाॅ. दाधीच ने कहा कि स्वयं घुम्रपान करने वाले से ज्यादा खतरा उनके जीवन को होता है जो धूएं और प्रदूषित वातावरण में ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषित वातावरण में रहने वाले को सिर्फ श्वास की बीमारी ही नहीं होती अपितु वह अन्य गंभीर रोगों के भी जकड़ में आ जाते हैं। डाॅ. दाधीच ने यातायात पुलिस कर्मचारियों को अपने खान-पान का ख्याल रखने और उसे सही बनाने की सलाह दी। यातायात पुलिस उपअधीक्षक प्रीति चौधरी ने मित्तल हाॅस्पिटल प्रबन्धन का शुक्रिया कहा कि यह शिविर निश्चित ही यातायात पुलिस कर्मचारियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाए रखेगा। इससे पूर्व मित्तल हाॅस्पिटल के वाइस प्रेसीडेंट श्याम सोमानी ने पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह का बुके भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रबन्धक जनसम्पर्क सन्तोष गुप्ता ने किया। 

शिविर में पंजीकृत यातायात पुलिस कर्मचारियों की कम्प्यूटर द्वारा फेफड़ों की स्पायरोमिट्री जांच। स्मोक चेक मीटर द्वारा फेफड़ों की जांच। मधुमेह (ब्लड शुगर), ब्लड प्रेशर व ब्लड ग्रुप जांच। मधुमेह व उच्च रक्तचाप से पीड़ित रोगियों के लिए आंखों के पर्दे की जांच। तथा चिकित्सक द्वारा निर्देशित रोगियों की ई.सी.जी, एक्स-रे, खून(सीबीसी), मूत्र जांच निःशुल्क की गई। शिविर में मित्तल हाॅस्पिटल के अस्थमा व श्वास रोग विशेषज्ञ डाॅ प्रमोद दाधीच, फेको व रेटिना सर्जन डाॅ. विनीत चंडक, फिजीशियन डाॅ. अरविन्द लकेसर, एवं डायटीशियन संगीता सक्सेना व फिजियोथेरेपिस्ट की निःशुल्क परामर्श सेवाएं प्रदान की। मित्तल हाॅस्पिटल के पीआरओ युवराज, नितेष भारद्वाज की सेवाएं सराहनीय रही। यातायात पुलिस निरीक्षक रामावतार, पुलिस लाइन आरक्षी निरीक्षक सुरेश डाबरिया आदि अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।



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