उन्नाव रेप केस : भाजपा विधायक के विवादित बोल, कहा — तीन बच्चों की मां से कोई रेप करता है क्या? - RNews1 Hindi Khabar

Header Ads

उन्नाव रेप केस : भाजपा विधायक के विवादित बोल, कहा — तीन बच्चों की मां से कोई रेप करता है क्या?

unnao, uttar pradesh, unnao rape case, rape victim, bjp mla, yogi adityanath, cm yogi, mla kuldeep sengar, mla surendra singh, unnao news, up news, latest news
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में सामना आया रेप केस एक ओर जहां देशभर में सुर्खियों में बना हुआ है, वहीं इस मामले में अब भाजपा नेता आरोपी विधायक के बचाव में उतरते दिख रहे हैं। उन्नाव दुष्कर्म मामले में आरोप भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर का बचाव करते हुए भाजपा के बलिया के बैरिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने विवादित बयान दिया है। इसे लेकर अब भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह सुर्खियों में शुमार हो गए हैं। भाजपा विधायक ने संगर का बचाव करते हुए उल्टा दुष्कर्म पीड़िता पर ही सवाल उठा दिया है। उनका कहना है कि तीन बच्चों की मां के साथ कोई रेप करता है क्या?

वहीं दूसरी ओर, उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विधायक के खिलाफ अपहरण, बलात्‍कार और पॉस्‍को एक्‍ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कुलदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 363/366/373 और पास्को ऐक्ट में केस दर्ज किया गया है। कल रात ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद कई सख्त फैसले लिए थे जिसमें सेंगर के खिलाफ केस दर्ज करने का भी एक फैसला था।

गौरतलब है कि सूबे में भाजपानीत योगी सरकार पर इस मामले को लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं। वहीं नेताओं द्वारा भी इस मामले में असंवेदनशील बयानबाजी की दौर जारी है। ऐसे में अब भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का बयान योगी सरकार की मुसीबतें बढ़ाता दिख रहा है। गौरतलब है कि उन्नाव में एक 18 वर्षीय लड़की से बलात्कार के मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की कथित संलिप्तता के कारण बढ़ती मुश्किल के बीच राज्य सरकार ने विधायक और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का भी फैसला किया है।



प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को देर रात उन्नाव बलात्कार मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है, जिसमें भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का नाम आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। यह कदम ऐसे समय आया, जब सेंगर नाटकीय ढंग से पुलिस के सामने पेश हुए, लेकिन उन्होंने समर्पण करने से मना कर दिया।

सरकार ने पीड़िता के पिता की मौत की जांच भी सीबीआई से कराने का फैसला किया है। बयान में कहा गया है कि पीड़िता के पिता की मौत से संबधित घटनाओं की जांच भी सीबीआई को सौंपी जाएगी। ये फैसले मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लखनऊ जोन) के अधीन गठित विशेष जांच टीम के सरकार को रिपोर्ट सौंपने के बाद लिए गए। घटनाक्रम तब हुआ जब कुछ घंटे पहले ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी के पत्र पर राज्य सरकार से घटना पर उसका रुख पूछा और मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।


Get all updates by Like us on Facebook and Follow on Twitter

Powered by Blogger.