ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित - RNews1 Hindi Khabar

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ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

अजमेर। जिला कलेक्टर आरती डोगरा ने अध्यक्षता में शनिवार को ग्रामीण विकास की योजनाओं की समीक्षा की।
   
जिला कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि जिले में ग्रामीण विकास से लाभान्वितों के आधार के अनुसार सीडींग की जाए। केकड़ी और सिलोरा ब्लॉक को अपेक्षित कार्य करने की आवश्यकता है। आधार सीडिंग का कार्य 30 जून तक शतप्रतिशत किया जाए। वित्तीय वर्ष 2018-19 के अन्तर्गत जारी प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति के साथ ही महात्मा गांधी नरेगा का मस्टरोल भी जारी किया जाए। इसके साथ ही प्रथम किश्त की राशि  भी लाभार्थी के खाते में जमा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। आवास योजना के 2016-17 के स्वीकृत समस्त आवासों को पूर्ण करवाया जाए। लाभार्थी द्वारा भवन नही बनाए जाने की स्थिति में स्वीकृत राशि को सरकारी खाते में जमा करवाया जाए। इस प्रकार की स्वीकृति को निरस्त करने की कार्यवाही अमल में लायी जाए।
   
उन्होंने कहा कि पूर्व के स्वीकृत अप्रारम्भ कार्यों को आरम्भ कर पूर्ण करवाएं। विधायक कोष, सांसद कोष तथा गुरू गोलवलकर जन भागीदारी योजना के पीसांगन तथा मसूदा क्षेत्र को अप्रारम्भ कार्यो पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पंचायत समिति स्तर पर समस्त तकनीकी स्वीकृति समय पर जारी होनी आवश्यक है। तकनीकी कारणों से अभिशंषा को पूर्ण किया जाना सम्भव नही होती उसे निरस्त करने की प्रक्रिया अपनायी जाए। ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की बकाया उपयोगिता एवं पूर्णता प्रमाण पत्र जुलाई माह तक पूर्ण करवाए। गांवों के योजनाबद्ध विकास के लिए संचालित सांसद आदर्श ग्राम, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम तथा स्मार्ट विलेज योजनाओं पर प्राथमिकता से कार्य करें।
   
उन्होंने कहाकि महात्मा गांधी नरेगा में अधिकतम व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध करवाया जाए। किये गये कार्य का भुगतान तुरन्त किया जाना सुनिश्चित किया जाए। राजस्व लोक अदालत अभियान न्याय आपके द्वार शिविरों में पट्टा अभिलेखों की मोनिटरिंग प्राथमिकता से की जाए।

पीसांगन पंचायत समिति को बनाए रोल मॉडल
   
जिला कलेक्टर आरती डोगरा ने कहा कि जिले में पीसांगन पंचायत समिति को बकरी पालन से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए रोल मॉडल बनाया जाएगा। उन्होंने विकास अधिकारी गौतम चौधरी को निर्देशित किया कि पंचायत समिति के समस्त पशुपालकों को इससे लाभान्वित किया जना सुनिश्चित किया जाए। प्रथम चरण में प्रत्येक ग्राम पंचायत के 50 व्यक्तियों को जोड़े। इसके अन्तर्गत कैटल शैड बनाया जाएगा। अच्छी नस्ल के बकरा-बकरी उपलब्ध करवाए जाएंगे। कैटल शेड का फर्श पक्का होना चाहिए। इससे पशु के पैरों में संक्रमण से बच जाएंगे। पशुओं को उच्च प्रोटीन मात्रा का चारा उपलब्ध करवाने के लिए एजोला कलचर आरम्भ किया जाएगा। इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई की स्थापना भी की जाएगी।
   
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण गर्ग, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी भगवत सिंह सहित समस्त विकास अधिकारी उपस्थित थे।



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