मंत्री देवनानी ने प्राचार्यों को दिया विद्यार्थी एवं विद्यालय की उन्नति का मंत्र - RNews1 Hindi Khabar

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मंत्री देवनानी ने प्राचार्यों को दिया विद्यार्थी एवं विद्यालय की उन्नति का मंत्र

अजमेर। शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि किसी भी संस्था की उन्नति उस संस्था के प्रधान के व्यक्तित्व एवं सक्रियता पर निर्भर करती है। संस्था प्रधान जितना ज्यादा रचनात्मक, सक्रिय एवं लोकप्रिय होगा उतना ही ज्यादा संस्था आगे बढ़ेगी। राज्य सरकार स्कूलों में भौतिक संसाधन उपलब्ध करा रही है। संस्था प्रधान स्वयं आगे बढ़कर विद्यालय एवं विद्यार्थियों के हित में बदलाव के वाहक बनें।
     
देवनानी ने आज राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में संस्था प्रधानों की दो दिवसीय वाकपीठ संगोष्ठी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में राजस्थान की शिक्षा में एक युग बदल गया है। कभी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा कहा जाने वाला हमारा राज्य अब देश में दूसरे स्थान पर है। यह सब राज्य सरकार और शिक्षकों के साझा प्रयासों से संभव हुआ हैं। सरकार ने शिक्षकों की उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास किया। अब तकनीक के साथ चलने का समय है। अधिकारी स्वयं को नई तकनीक के साथ ढालें ताकि कामकाज में गति आ सके।
   
उन्होंने कहा कि सभी जगह अपने व्यवहार और कार्य कुशलता से सम्पर्क बनाने वाला संस्था प्रधान सदैव संस्था को आगे बढ़ाता है। मुँह में शक्कर, पैर में चक्कर, दिल में आग और दिमाग में बर्फ रखने का मूल मंत्र सदैव काम आता है। संस्था प्रधानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि विद्यालय और विद्यार्थियों की उन्नति उनके ही हाथों में है। जो संस्था प्रधान जितना ज्यादा सक्रिय होगा वह उतना ज्यादा सफल होगा।
   
उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने राज्य सरकार के इन प्रयासों में पूरा साथ दिया। आज राजस्थान के अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें। लाखों नए नामांकन और शैक्षिक गुणवत्ता इसका सबूत है कि राजस्थान की शिक्षा ने सफलता के नए सोपानों को छुआ है। हमारे शिक्षा परिवार के साथ हम जल्द ही देश में नम्बर एक पर होंगे। सरकारी स्कूलों में हुए नवाचारों को पूरे देश में सराहा गया है। पूरे देश में राजस्थान की शिक्षा का अनुसरण किया जा रहा है।
     
देवनानी ने कहा कि साढ़े चार साल पहले हमने शिक्षा में बदलाव की शुरुआत की थी। हमने शिक्षकों की समस्याओं को समझा और उनके निराकरण के प्रयास किए। आजादी के बाद पहली बार सवा लाख से ज्यादा शिक्षकों को पदोन्नति दी गई। शिक्षकों के रिक्त पदों को नई भर्ती से भरा गया। स्कूलों को भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए गए। पहले हमने प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर पंचायत शिक्षा अधिकारी का पद सृजित कर उस क्षत्र के स्कूलों को पीईओ के अधीन किया। प्रदेश के सभी ब्लॉकों में शीघ्र ही जिला शिक्षा अधिकारियों के पद सृजित कर नियुक्ति की जाएगी। इसी तरह जिला मुख्यालयों पर उप निदेशक एवं संभाग मुख्यालयों पर संयुक्त निदेशक तैनात किए जाएंगे।
   
उन्होंने कहा कि सभी स्तर के अधिकारियों को तकनीक में माहिर करने के लिए लैपटॉप दिए गए हैं। इनसे विभाग से संबंधित सभी तरह की सूचनाएं प्राप्त करना तथा भेजना ऑनलाइन हो जाएगा। अधिकारी ज्यादा से ज्यादा तकनीक का उपयोग करें ताकि कामकाज की गति और बढ़ सके। जिले के 489 स्कूलों में स्र्माट क्लासरूम भी तैयार करवाए जा रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के उप निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी तथा संस्था प्रधान उपस्थित थे।



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