राजस्थान के पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग की समस्याएं त्वरित हल हो : राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम - RNews1 Hindi Khabar

Header Ads

राजस्थान के पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग की समस्याएं त्वरित हल हो : राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम

जयपुर। राजस्थान में छोटे और मझोले अखबार बंद होने की कगार में आ गये है और कई अखबार तो बंद हो गए है। भाजपा राज में इस सबके पीछे कुछ लोग जिम्मेदार है । ऐसे कई लोग है जो पत्रकारिता में एक मेसेन्जर थे और उन्हे भाजपा ने शीर्ष पर पहुचा कर राजस्थान में पत्रकारिता को खत्म करने का प्रयास किया है।

राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम के संस्थापक अध्यक्ष अनिल सक्सेना ने बताया कि पत्रकार सत्ता पक्ष की कमियों को लिखकर उन्हे सुधारने का मौका देता है और पत्रकार आलोचक मित्र होता है । पत्रकार का प्रयास होता है कि सत्ता में बैठे लोग आमजन के लिए अच्छा कार्य करे और सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को मिले लेकिन राजस्थान के भाजपा राज में तो आलोचक पत्रकारों और अखबारों को दुश्मन ही मान लिया गया था ।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पूर्व के कार्यकाल में सन् 2011 में राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम का प्रदेश के पत्रकारों से मिलकर किया गया पहला पत्रकार सम्मेलन जयपुर के पिंक सीटी प्रेस क्लब में सैकड़ों पत्रकारों की मौजूदगी में संपन्न हुआ । इस सम्मेलन में राजस्थान के तत्कालीन जनसंपर्क मंत्री जितेन्द्र सिंह, विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द सिंह और जनसंपर्क आयुक्त के.एल.मीणा सहित राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी पंचायत स्तर के सैकड़ों पत्रकारों को पत्रकारिता का ज्ञान दिया । इस पत्रकार सम्मेलन में मुख्यमंत्री गहलोत का सहयोग काबिले तारीफ रहा था । सबसे अच्छी बात यह थी कि सन् 2011 के बाद फोरम के प्रदेश में कई पत्रकार सम्मेलन, पत्रकार गोष्ठियां और सेमिनार हुए और इन सबके लिए गहलोत ने पत्र लिखकर राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम की टीम का उत्साह ही बढ़ाया ।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पत्रकारों से मित्रता जगजाहिर है और गहलोत पत्रकारों की समस्याओं को भी भली-भांति जानते और समझते है । गहलोत ने डा. रघु शर्मा को जनसम्पर्क मंत्री बनाया जो स्वयं भी मीडिया मित्र माने जाते है। डा. रघु शर्मां ने भी मीडिया एक्शन फोरम की अजमेर में आयोजित प्रदेश मीडिया सेमिनार में भाग लिया था ।

राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम के अध्यक्ष अनिल सक्सेना बताते है कि भाजपा राज में जनसंपर्क विभाग का भी सत्यानाश हुआ है और शायद पहली बार ही हुआ होगा कि भाजपा राज में जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर उतर गये लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कानों में जूं भी नही रेंगी । इसका कारण यह भी रहा कि पत्रकारिता की समझ नही रखने वाले लोग उनके आस-पास थे। फोरम के अध्यक्ष अनिल सक्सेना यह भी बतातें है कि कई बार तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खास लोगों और स्वयं उनको भी बताने का प्रयास किया गया लेकिन सत्ता का मद उन पर हावी था ।

इसमें कोई दो राय नही है कि कांग्रेस के द्वारा गहलोत को मुख्यमंत्री का चेहरा नही बनाने के कारण और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर के प्रयासों से इस बार भी भाजपा की सत्ता आसानी से राजस्थान में आ जाती लेकिन वसुंधरा की टीम के अहकांर और छोटी छोटी कमियों के कारण ही भाजपा सरकार बनाने में असफल हुई।

राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की है कि जनसंपर्क विभाग की व्यवस्था सही की जाए और कर्मचारियों और अधिकारियों की समस्याओं को समझ कर उन्हे दूर किया जाए। इसके साथ ही  राजस्थान के पत्रकारों और छोटे , मझोले अखबारों की समस्याओं को हल किया जाए।




Get all updates by Like us on Facebook and Follow on Twitter

Powered by Blogger.